2025 के अंत तक, Apple ने 24.3 करोड़ आईफोन जारी कर दुनिया के स्मार्टफोन बाजार में Samsung को पीछे छोड़ दिया। ये ऐसा पल है जिसका इंतजार 13 साल हुआ — पिछली बार ऐप्पल को नंबर एक मिला था 2012 में। अब नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सहित दुनिया भर में iPhone 17 की मांग इतनी तेज़ है कि यह न सिर्फ बिक रहा है, बल्कि बाजार के नियम भी बदल रहा है।
क्यों बदल रहा है बाजार का नक्शा?
ये सिर्फ एक नया मॉडल नहीं है। iPhone 17 ने उन सब चीजों को जोड़ दिया जिन्हें ग्राहक अब चाहते हैं: बेहतर कैमरा, लंबी बैटरी लाइफ, और एक ऐसा एकीकृत अनुभव जो iOS के साथ बेहतर बैंडविड्थ देता है। वहीं, Samsung का गैलेक्सी S25 Ultra तो टेक्निकल तौर पर ज़बरदस्त है — खासकर 40x ऑप्टिकल जूम और AI-आधारित फोटो एडिटिंग में। लेकिन एक बात गायब थी: आसानी।
एक टेक रिव्यूअर ने अपने YouTube वीडियो में कहा: "iPhone का वीडियो क्वालिटी इंस्टाग्राम पर ज़्यादा शार्प लगता है। लेकिन AI फीचर्स में Samsung बिल्कुल आगे है।" वो बताते हैं कि उनकी वर्क ईमेल और WhatsApp पर Samsung की AI ग्रामर करेक्शन टूल रोज़ काम आती है। ऐप्पल की AI अभी भी उतनी तराशी हुई नहीं — जैसे कोई नया सॉफ्टवेयर जिसे अभी टेस्टिंग में है।
भारत: नया युद्धक्षेत्र
भारत अब सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक बेस है। 27 नवंबर, 2025 को gadgets360.com ने बताया कि iPhone 17 की भारत में कीमत बढ़ने की संभावना है — स्टॉक कम हो रहा है, मांग बढ़ रही है। ये वही जगह है जहां 28 नवंबर को Reliance Digital की ब्लैक फ्राइडे सेल पर iPhone Air की कीमत 12,999 रुपये तक गिर गई।
और ये सिर्फ शुरुआत है। Apple अगले 30 दिनों में उत्तर प्रदेश के नोएडा में अपना पांचवां रिटेल स्टोर खोलने वाला है। मुंबई का दूसरा स्टोर 2026 में। ये सिर्फ दुकानें नहीं — ये ब्रांड की गहराई का संकेत है। ग्राहक अब सिर्फ ऑनलाइन नहीं, बल्कि फिजिकल एक्सपीरियंस के लिए भी आ रहे हैं।
चिप्स, डिवाइसेस और भविष्य की रणनीति
Apple अब अपने एंट्री-लेवल M-सीरीज चिप्स के लिए Intel के साथ काम करने की योजना बना रहा है। ये एक बड़ा बदलाव है — पहले वो हमेशा अपने चिप्स अपने ही डिज़ाइन करते थे। अब वो लागत और उत्पादन दोनों को बैलेंस करने की कोशिश कर रहे हैं।
और अगला बड़ा लॉन्च? Apple का आठवां जनरेशन iPad Mini — जिसमें OLED डिस्प्ले होगा — जुलाई से सितंबर 2026 के बीच आएगा। ये डिवाइस टैबलेट बाजार में एक नया बेंचमार्क बन सकता है।
क्या Samsung बस इंतजार कर रहा है?
नहीं। Samsung अपनी ताकत को और मजबूत कर रहा है — AI के जरिए। उनका ग्रामर करेक्शन, ऑटो-कैप्शनिंग, और फोटो रिमास्किंग अब इतना स्मूथ है कि यूजर्स इसे भूल जाते हैं कि ये AI है। एक यूजर ने बताया: "मैं आज बॉलीवुड वीडियो देख रहा था, और स्क्रीन पर टेक्स्ट ऑटो-ट्रांसलेट हो गया। मैंने सोचा ये फिल्म का हिस्सा है।"
लेकिन यहां एक ट्विस्ट है: जब आप फोटो लेते हैं, तो iPhone का शैडो लिफ्ट करने का तरीका अक्सर असली दृश्य के करीब लगता है। Samsung थोड़ा ज़्यादा कंट्रास्ट देता है — जो कुछ लोगों को ज़्यादा "नेचुरल" लगता है। ये सब फैसला आपके फोटो लेने के तरीके पर निर्भर करता है।
क्या अगला साल भी ऐसा ही होगा?
अभी तक, Apple का नंबर एक होना एक प्रोजेक्शन है — न कि एक पुष्टि। लेकिन जब तक उनकी सप्लाई चेन ठीक रहे, और भारत जैसे बाजार में डिमांड बनी रहे, तब तक ये ट्रेंड जारी रहेगा। Samsung अपनी AI एक्सपर्टीज को बेहतर बना रहा है, लेकिन अगर वो डिज़ाइन और ब्रांड लॉयल्टी में लीड नहीं ले पाता, तो उसकी शेयर बाजार में गिरावट जारी रह सकती है।
दुनिया अब सिर्फ तकनीक नहीं देख रही। वो देख रही है कि कौन आसानी से जुड़ पा रहा है। iPhone 17 ने ये आसानी दी। अब देखना होगा कि Samsung क्या जवाब देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
iPhone 17 की बिक्री क्यों इतनी तेज़ हो रही है?
iPhone 17 की बिक्री तेज़ हो रही है क्योंकि इसमें बेहतर बैटरी, अपग्रेडेड कैमरा सिस्टम, और iOS के साथ बेहतर एकीकरण है। भारत जैसे बाजार में ग्राहकों को डिवाइस की लंबी जीवन अवधि और सॉफ्टवेयर अपडेट्स की उम्मीद है — जो Apple अभी तक सबसे अच्छा दे रहा है। इसके अलावा, नोएडा और मुंबई में नए रिटेल स्टोर्स के खुलने से ग्राहकों का विश्वास बढ़ा है।
Samsung की AI फीचर्स वास्तव में iPhone से बेहतर हैं?
हां, अभी के लिए हां। Samsung की AI ग्रामर करेक्शन, ऑटो-ट्रांसलेशन, और फोटो रिमास्किंग बहुत रिफाइंड हैं। एक यूजर ने बताया कि वो रोज़ वर्क ईमेल और WhatsApp पर इसे इस्तेमाल करता है। Apple की AI अभी भी बेसिक टास्क्स में क्लंकी लगती है — जैसे टेक्स्ट सजेशन या फोटो ऑप्टिमाइज़ेशन। ये एक तकनीकी अंतर है, जो यूजर एक्सपीरियंस पर सीधा असर डालता है।
भारत में iPhone की कीमत बढ़ेगी क्यों?
iPhone 17 की भारत में कीमत बढ़ने की संभावना है क्योंकि डिमांड आपूर्ति से ज़्यादा है। इसका मतलब है कि Apple अभी बहुत सारे यूजर्स को संतुष्ट नहीं कर पा रहा। अगर वो कीमत बढ़ाते हैं, तो वो लाभ मार्जिन बढ़ा सकते हैं और डिमांड को कंट्रोल कर सकते हैं। ये एक व्यावसायिक निर्णय है, जो अभी तक आधिकारिक नहीं हुआ है।
Apple और Intel के बीच चिप समझौता क्या बदलाव लाएगा?
Apple के लिए Intel के साथ साझेदारी एक बड़ा बदलाव है। पिछले 10 सालों में Apple ने अपने सभी चिप्स अपने आप डिज़ाइन किए हैं। अब वो एंट्री-लेवल डिवाइसेस के लिए Intel के चिप्स इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं — जिससे उनकी लागत कम होगी और उत्पादन तेज़ होगा। ये एक रणनीतिक शिफ्ट है, जो भविष्य में बजट फोन्स की कीमतों को भी प्रभावित कर सकता है।
Samsung का ज़ूम कैमरा वास्तव में iPhone से बेहतर है?
हां, 40x ऑप्टिकल ज़ूम में Samsung Galaxy S25 Ultra स्पष्ट रूप से आगे है। ये AI के जरिए डिटेल्स को स्मूथ करता है — जिससे दूर की चीज़ें भी पढ़ने योग्य रहती हैं। iPhone का ज़ूम ग्रेनी और ब्लर हो जाता है। लेकिन याद रखें: ये सिर्फ ज़ूम के लिए है। रोज़मर्रा की फोटोग्राफी में दोनों के बीच फर्क छोटा है।
Apple अगले साल भी नंबर एक रहेगा?
अभी तक ये प्रोजेक्शन है, लेकिन अगर Apple अपनी सप्लाई चेन बनाए रखता है, भारत में रिटेल एक्सपेंशन जारी रखता है, और iOS एक्सपीरियंस में बेहतरी करता है, तो हां — वो 2026 में भी नंबर एक रह सकता है। Samsung के लिए अब AI के साथ-साथ ब्रांड लॉयल्टी और डिज़ाइन पर भी ध्यान देना होगा।
Narayana Murthy Dasara
असल में ये सिर्फ एक फोन नहीं, बल्कि एक अनुभव है। मैंने Samsung का S25 Ultra लिया था, लेकिन एक हफ्ते में वापस कर दिया। क्योंकि हर बार कुछ न कुछ सेटअप करना पड़ता था। iPhone तो बस खोलो और चलो। ये आसानी ही असली जीत है।
JAYESH KOTADIYA
भारत में iPhone 17 की बिक्री बढ़ रही है? हां भाई, क्योंकि अब लोगों को पता चल गया कि चीनी फोन तो बस लगते हैं अच्छे, असल में तो वो आधे साल में फेल हो जाते हैं। Apple तो जिंदा रहता है, जैसे एक अच्छा दोस्त। 😎
lakshmi shyam
अरे ये सब बकवास है। Samsung के AI फीचर्स को तो दुनिया भर में बहादुरी से इस्तेमाल किया जा रहा है। Apple की AI अभी भी बच्चों के लिए बनी हुई है। जो लोग iPhone चला रहे हैं, वो सिर्फ ब्रांड के लिए खरीद रहे हैं। बुद्धि नहीं।
Omkar Salunkhe
iPhone 17 की बिक्री? हाहाहा ये तो बस एक गूगल एड्स वाला फेक रिपोर्ट है। Apple ने अपने डेटा को फेक किया है ताकि शेयर बाजार में चढ़ जाए। और भारत में नोएडा में स्टोर? वो तो बस एक बार के लिए खुला था और बंद हो गया। जाने कौन सच बोल रहा है।
Sandhiya Ravi
मुझे लगता है कि दोनों के पास कुछ अलग अलग ताकत है। Samsung की AI तो जादू जैसी है लेकिन iPhone का कैमरा दिल को छू जाता है। मैंने अपनी बेटी के जन्मदिन की फोटो iPhone से ली और वो अभी तक मेरे डेस्क पर लगी है। कभी-कभी तकनीक से ज्यादा इमोशन जरूरी होता है।
Shashi Singh
सुनो सुनो... ये सब एक बड़ी गुप्त योजना है! Apple ने अपने चिप्स के लिए Intel के साथ समझौता किया है क्योंकि वो जानते हैं कि 2027 में AI चिप्स दुनिया को बदल देंगे... और वो उस टेक्नोलॉजी को अभी से छिपा रहे हैं! जब तुम iPhone का फोटो लेते हो, तो वो तुम्हारे चेहरे के भाव नहीं, बल्कि तुम्हारे दिमाग के विचार रिकॉर्ड कर रहा है! ये नहीं, ये सिर्फ एक फोन नहीं... ये एक नेयरो-स्पाई है!!!
Surbhi Kanda
ये बातें बिल्कुल बेकार हैं। जब तक आपके पास डिज़ाइन और एक्सपीरियंस का एक अच्छा फ्रेमवर्क नहीं है, तब तक AI का कोई फायदा नहीं। Apple का एकीकृत सिस्टम, वर्कफ्लो ऑप्टिमाइज़ेशन, और सॉफ्टवेयर-हार्डवेयर को-डिज़ाइन एक अनुपम एक्सपोज़र है। Samsung की एआई बस एक लैपटॉप प्लग-इन है।
Siddharth Gupta
मैंने दोनों फोन इस्तेमाल किए हैं। Samsung तो एक बड़ा लैब है - हर फीचर ट्राय करने के लिए तैयार। लेकिन iPhone? वो तो एक अच्छा दोस्त है जो तुम्हें बिना बोले समझ जाता है। जब मैं थक जाता हूं, तो iPhone बस एक सुंदर फोटो दे देता है। वो नहीं कहता, बस देता है। ये तो दिल की बात है।
Anoop Singh
अरे भाई ये सब बकवास है। मैंने अपने दोस्त को iPhone 17 दिया था और उसने कहा ये फोन तो बस एक चीनी फोन का रिबेल वर्जन है। असल में ये सब एक ब्रांडिंग ट्रिक है। तुम जितना बोलोगे उतना लोग खरीदेंगे। बस इतना ही।
Manoj Rao
आप सब ये बातें कर रहे हैं कि कौन बेहतर है - लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये सब एक ग्लोबल कैपिटलिस्ट रणनीति है? Apple ने भारत को अपना लैब बना लिया है। ये वहां के ग्राहकों के डेटा को इकट्ठा कर रहा है - उनके आदतों, उनके भावनाओं, उनके खर्च के नमूनों को। फिर वो उस डेटा से एक नया एआई मॉडल बनाएगा - जो दुनिया को नियंत्रित करेगा। आप जो फोन ले रहे हैं, वो आपका दिमाग नहीं, बल्कि आपकी आत्मा को ट्रैक कर रहा है। ये नहीं, ये एक डिजिटल ब्रह्मांड का निर्माण है। और आप उसके भीतर बैठे हैं।
Abhinav Rawat
मैं तो बस इतना कहूंगा - जब तुम iPhone का फोटो लेते हो, तो वो तुम्हारे लिए एक छोटा सा शायरी बन जाता है। जब तुम Samsung का लेते हो, तो वो तुम्हारे लिए एक टेक्निकल रिपोर्ट बन जाता है। एक फोटो में तुम्हारी आंखों की चमक होती है, दूसरे में एक एल्गोरिदम का आउटपुट। क्या तुम वाकई जानते हो कि तुम क्या खरीद रहे हो? या तुम सिर्फ एक चीज़ खरीद रहे हो जिसे दुनिया बहुत पसंद करती है?
Sabir Malik
मैंने अपने बेटे को iPhone 17 दिया है और उसने अपनी ग्रुप चैट में बताया कि अब वो अपनी फोटोज़ को इंस्टाग्राम पर शेयर करने से पहले कभी एडिट नहीं करता। उसकी दादी ने कहा - "बेटा, तुम्हारी फोटो अब इतनी सुंदर हैं कि मैं तुम्हें देखकर रो रही हूं।" ये बस एक फोन नहीं है, ये एक छोटा सा जादू है। Samsung की AI तो बहुत अच्छी है, लेकिन क्या वो कभी एक दादी के दिल को छू सकती है? मैं नहीं जानता। लेकिन जब मैं अपने बेटे की फोटो देखता हूं, तो मुझे लगता है कि Apple ने बस एक फोन नहीं बनाया, बल्कि एक याद बनाई है।
Vikash Kumar
iPhone 17? बस एक नया नाम। असल में वो तो iPhone 16 का रिबूट है। Samsung का ज़ूम तो बिल्कुल बेहतर है। और भारत में कीमत बढ़ेगी? हां, ताकि वो जो लोग इसे नहीं खरीद सकते, वो अपनी उम्मीदें तोड़ दें। ये बिजनेस है, नहीं ब्रांड।