ममता का बांग्लादेश संकट में राहत का प्रस्ताव: असहायों को आश्रय देंगे

ममता का बांग्लादेश संकट में राहत का प्रस्ताव: असहायों को आश्रय देंगे

ममता का बांग्लादेश संकट में राहत का प्रस्ताव: असहायों को आश्रय देंगे 21 जुल॰

ममता बनर्जी का आश्रय प्रस्ताव: संकट में मदद की पहल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों के कोटा प्रणाली को लेकर चल रहे हिंसा और अशांति के बीच एक साहसिक कदम उठाते हुए असहाय लोगों को आश्रय देने का प्रस्ताव दिया है। उनका यह ऐलान कोलकाता में आयोजित तृणमूल कांग्रेस की 'शहीद दिवस' रैली के दौरान हुआ। ममता बनर्जी ने संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी प्रस्ताव का हवाला देकर अपने इस कदम की वैधता को भी रेखांकित किया।

बांग्लादेश में हिंसा की स्थिति

बांग्लादेश में वर्तमान समय में सरकारी नौकरियों की कोटा प्रणाली को लेकर भारी अशांति है। इस हिंसा में अब तक 150 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहां की सरकार ने सख्त कर्फ्यू लागू कर दिया है और 'देखते ही गोली मारने' के आदेश भी जारी किए गए हैं। इस माहौल मेें सभी नागरिकों के बीच डर और चिंता का माहौल है।

पश्चिम बंगाल का ऐतिहासिक संदर्भ

पश्चिम बंगाल का ऐतिहासिक संदर्भ

ममता बनर्जी ने अपने घोषणा के दौरान असम के बोडो संघर्ष का भी उल्लेख किया, जिसमें असम के लोगों को उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार क्षेत्र में बसाया गया था। उन्होंने यह दृष्टांत देते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल हमेशा से ही मदद और सहानुभूति का राज्य रहा है। उनका यह प्रस्ताव भी मानवीय सहायता की इसी श्रृंखला का हिस्सा है।

शरणार्थियों की मदद का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि वे पश्चिम बंगाल के उन नागरिकों की पूरी मदद करेंगी जिनके रिश्तेदार वर्तमान हिंसा के कारण बांग्लादेश में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल आये लेकिन वापस जाने में असमर्थ लोगों की भी मदद की जाएगी।

संयम बनाए रखने की अपील

संयम बनाए रखने की अपील

ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के लोगों से अपील की कि वे संयम बनाए रखें और बांग्लादेश के मौजूदा हालात के चलते किसी प्रकार की उत्तेजना में ना आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम मानवीय दृष्टिकोण से प्रेरित है और इसकी पृष्ठभूमि शरणार्थियों को दिए जाने वाले वैश्विक समर्थन और देखभाल की जिम्मेदारी से जुड़ी है।

संयुक्त राष्ट्र का शरणार्थी प्रस्ताव

संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी प्रस्ताव का हवाला देते हुए ममता बनर्जी ने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि जब भी ऐसे संकट की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, तो हम सभी का कर्तव्य है कि असहाय और पीड़ित लोगों की मदद करें।

बांग्लादेश सरकार की नई व्यवस्था

बांग्लादेश सरकार की नई व्यवस्था

बांग्लादेश की सर्वोच्च अदालत ने इस विवादित कोटा प्रणाली में कमी की है, लेकिन इसे पूरी तरह समाप्त नहीं किया है। इससे असंतुष्ट लोगों में अब भी अशांति बनी हुई है और यह समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है।



टिप्पणि (9)

  • Nikita Gorbukhov
    Nikita Gorbukhov

    ये सब नाटक है भाई। ममता बनर्जी को बांग्लादेश का क्या लेना-देना? अपने घर की गंदगी साफ करो पहले। बांग्लादेशी लोगों को आश्रय देने का नाटक करके वो वोट बटोर रही है। असली मुद्दे तो बंगाल में बेरोजगारी, बुरी सड़कें, बिजली का बंद होना है।

  • RAKESH PANDEY
    RAKESH PANDEY

    ममता बनर्जी के इस प्रस्ताव की नैतिकता को सराहनीय माना जा सकता है। शरणार्थियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण हमारे समाज के लिए एक अच्छा उदाहरण है। बांग्लादेश के साथ हमारा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध है, और इस संकट में सहायता करना एक दायित्व है। इसके लिए आवास, खाद्य और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की जानी चाहिए।

  • Nitin Soni
    Nitin Soni

    इस तरह के कदम बहुत अच्छे हैं। दुनिया भर में ऐसे नेता चाहिए जो डर के बजाय दया से काम लें। आशा है कि अन्य राज्य भी इस उदाहरण को अपनाएंगे।

  • varun chauhan
    varun chauhan

    बहुत अच्छा कदम 😊 बंगाल का इतिहास हमेशा से सहानुभूति का रहा है। इस बार भी ये लोग दिखा रहे हैं कि इंसानियत क्या होती है।

  • Prince Ranjan
    Prince Ranjan

    अरे भाई ये सब नाटक है जो बांग्लादेश के बारे में बोल रही है वो खुद तो असम में बोडो के लोगों को घुसा रही थी अब बांग्लादेशी लोगों को आश्रय देने का नाटक कर रही है ये दिखावा है बस ये जो बोल रही है वो खुद को एक महान नेता समझती है जबकि उसके राज्य में बच्चे भूखे मर रहे हैं

  • Suhas R
    Suhas R

    इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र है। बांग्लादेश के अंदर एक छिपी हुई जासूसी नेटवर्क है जो भारत के अंदर आकर विद्रोह फैला रही है। ये आश्रय देने का बहाना बनाकर वो लोग भारत में घुस रहे हैं। अगर तुमने देखा हो तो बांग्लादेश के सैन्य नेता भी इस बात को जानते हैं। ये सब अमेरिका की साजिश है।

  • Pradeep Asthana
    Pradeep Asthana

    तुम लोग इतना ज्यादा बड़ा बन रहे हो कि बांग्लादेशी लोगों को आश्रय देने का नाटक कर रहे हो। तुम्हारे राज्य में अपने बच्चों के लिए स्कूल नहीं है तो बाहर के लोगों को आश्रय देने का दिखावा क्यों? तुम खुद अपने लोगों की देखभाल नहीं कर पा रहे तो दूसरों के लिए बड़ा बनने की कोशिश मत करो।

  • Shreyash Kaswa
    Shreyash Kaswa

    हम भारतीयों के लिए ये बात बहुत गर्व की बात है कि हमारी मुख्यमंत्री ने इतना मानवीय कदम उठाया है। दुनिया को दिखा दिया कि भारत का दिल बड़ा है। ये नेता जो इसकी आलोचना कर रहे हैं, उनके दिल में देशभक्ति की जगह नहीं है।

  • Sweety Spicy
    Sweety Spicy

    ओह बस अब तो बहुत हो गया। एक और नाटक जो लोगों को बहकाने के लिए बनाया गया है। बांग्लादेश के बारे में बात करने वाली ये औरत खुद के राज्य में लाखों महिलाओं के लिए सुरक्षा नहीं बना पा रही। ये दिखावा है। ये नहीं जानती कि जब तक तुम अपने घर की दीवारें नहीं ठीक करोगे, तब तक दूसरों के घर की छत पर रंग बिरंगे फूल लगाने का मतलब क्या है? ये सब बस एक फोटो ऑपरेशन है।

एक टिप्पणी लिखें