ऑस्ट्रेलिया ने गैब्बा में 511 रन बनाकर इंग्लैंड को 177 रन का बड़ा लीड दिखाया

ऑस्ट्रेलिया ने गैब्बा में 511 रन बनाकर इंग्लैंड को 177 रन का बड़ा लीड दिखाया

ऑस्ट्रेलिया ने गैब्बा में 511 रन बनाकर इंग्लैंड को 177 रन का बड़ा लीड दिखाया 19 दिस॰

ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार, 6 दिसंबर 2025 को ब्रिस्बेन के गैब्बा पर दूसरे एशेज टेस्ट के तीसरे दिन 511 रन का विशाल स्कोर बनाकर इंग्लैंड को बड़ा झटका दे दिया। टीम इंग्लैंड के लिए ये दिन बस एक और दर्द भरा दिन बन गया — उनकी बल्लेबाजी अब अंधेरे के साथ भी लड़ रही थी। जब आखिरी बल्लेबाज को आउट किया गया, तो घड़ी 7:38 बज रही थी, और फ्लडलाइट्स ने गैब्बा के मैदान को एक अजीब सी चमक दे दी — जैसे कोई बड़ा दबाव अभी शुरू हो रहा हो।

स्मिथ का बयान, डॉगट ने पारी को 500+ पर पहुँचाया

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ ने अपनी पारी के साथ एक बड़ा संदेश दिया — ये सिर्फ रन नहीं, एक नेतृत्व का दर्शन था। उनकी धैर्य और तकनीक ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को बेकार घूमने पर मजबूर कर दिया। लेकिन पारी का अंत तक लाने का श्रेय ब्रेंडन डॉगट को जाता है, जिन्होंने टीम को 500 रन के ऊपर पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम इंग्लैंड के लिए ये एक दर्दनाक बिंदु था — उनके सभी गेंदबाज थक चुके थे, लेकिन कोई भी टूट नहीं पाया।

इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने पारी में पांच विकेट लिए, लेकिन उनकी कोशिशें भी असफल रहीं। अंतिम विकेट तो हैरी ब्रूक ने कैच लेकर निकाला — एक तरह से ये उनकी अपनी बल्लेबाजी के लिए भी एक टेस्ट था। इंग्लैंड के लिए ये लगा जैसे बारिश नहीं हो रही, बल्कि बारिश का इंतज़ार हो रहा है।

इंग्लैंड की दूसरी पारी: अंधेरे में बल्लेबाजी का संकट

जैसे ही इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी शुरू की, तो उनकी समस्याएं शुरू हो गईं। पहला बल्लेबाज जैक क्रॉली ने अपना पहला बाउंड्री लगाया — और ये एक राहत की सांस लगी। लेकिन जल्द ही, बेन डकेट आउट हो गए। कमेंटेटर्स ने कहा — “वो बैट पर खड़े रहे, आगे नहीं बढ़े। गेंद उनके बैट के नीचे से निकल गई।”

ये वो बिंदु था जहां इंग्लैंड की टीम के लिए अंधेरा घिरने लगा। फ्लडलाइट्स के नीचे गेंद का रास्ता देखना मुश्किल हो रहा था। स्कॉट बोलैंड की गेंदें अब बस एक डर का कारण बन गईं। ब्रिस्बेन के इस मैदान पर रात का खेल हमेशा से ही दुश्मन रहा है — और आज वो दुश्मन अपने आप को दिखा रहा था।

मैच का पृष्ठभूमि: एशेज की शुरुआत से लेकर आज तक

मैच का पृष्ठभूमि: एशेज की शुरुआत से लेकर आज तक

एशेज का नाम 1882 में ब्रिटिश समाचार पत्र The Sporting Times ने दिया था, जब ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को घर पर हराया था। उस दिन के बाद लिखा गया — “क्रिकेट मर गया, इसकी राख ऑस्ट्रेलिया ले जाई जाएगी।” आज भी ये राख जल रही है।

ये दूसरा टेस्ट था — पहला टेस्ट एडिलेड ओवल में 30 नवंबर को खत्म हुआ था, जहां ऑस्ट्रेलिया ने एक बड़ी जीत दर्ज की थी। अब ये दूसरा टेस्ट बिल्कुल उसी तरह चल रहा है। अगला टेस्ट 26 दिसंबर को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में होगा — बॉक्सिंग डे टेस्ट, जो 1884 से लगातार खेला जा रहा है।

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड (क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया) और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने इस श्रृंखला की तैयारी लंबे समय से की थी। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने नियमों को देखा, लेकिन ये मैच किसी नियम से बाहर था — ये भावनाओं का था।

मैच का असर: इंग्लैंड के लिए बड़ा डर

अगर इंग्लैंड इस मैच में हार गया, तो ये श्रृंखला में 0-2 की स्थिति बन जाएगी। ऐसा होना उनके लिए एक ऐतिहासिक शिक्षा बन सकता है — क्योंकि पिछले 25 सालों में ऑस्ट्रेलिया ने घर पर एशेज जीतने के लिए कभी भी इतनी बड़ी शुरुआत नहीं की थी।

इंग्लैंड के लिए अब दो विकल्प हैं — या तो दो दिनों में बचाव के लिए बैट करें, या फिर एक असंभव टारगेट लेकर आगे बढ़ें। लेकिन गैब्बा के अंधेरे में बल्लेबाजी करना अब एक निर्णय नहीं, बल्कि एक बहाना बन गया है।

क्या आगे होगा?

क्या आगे होगा?

अगले दो दिनों में इंग्लैंड को दो बातें करनी होंगी — पहली, बल्लेबाजी के लिए नया निर्माण करना। दूसरी, फ्लडलाइट्स के नीचे गेंद को देखने की क्षमता बढ़ाना। इस बीच, ऑस्ट्रेलिया अपने गेंदबाजों को तैयार कर रहा है — मिशेल स्टार्क जैसे खिलाड़ियों के लिए ये एक अवसर है।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बताया कि इस दिन के ब्रॉडकास्ट को यूट्यूब पर 2.6 मिलियन बार देखा गया। ये नंबर कोई साधारण आंकड़ा नहीं — ये एक रिकॉर्ड है। दुनिया अभी भी एशेज को देख रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गैब्बा में फ्लडलाइट्स क्यों इंग्लैंड के लिए खतरनाक हैं?

गैब्बा के फ्लडलाइट्स अक्सर गेंद के रास्ते को विकृत कर देते हैं, खासकर रात के समय। इंग्लैंड के बल्लेबाज इस तरह की रोशनी में गेंद के घूमने और स्पिन को सही तरीके से पढ़ नहीं पाते। इस सीजन में इसी मैदान पर पिछले दो टेस्ट में रात के समय औसतन 4.2 विकेट गिरे हैं — जो दिन के समय की तुलना में 68% अधिक है।

स्टीवन स्मिथ की पारी क्यों इतनी महत्वपूर्ण है?

स्मिथ ने 117 रन बनाए, जो उनकी इस सीजन की सबसे बड़ी पारी है। ये उनकी वापसी का संकेत है — जिन्होंने पिछले दो साल में टेस्ट क्रिकेट से बहुत कम खेला। उनकी तकनीक ने इंग्लैंड के स्पिनर्स को बेकार कर दिया, जिससे टीम के लिए एक नया आधार बना।

इंग्लैंड के लिए अब एशेज जीतना संभव है?

अभी तक के इतिहास में, एशेज श्रृंखला में 0-2 से वापसी कभी नहीं हुई है। अगर इंग्लैंड इस टेस्ट में हार गया, तो उनके लिए श्रृंखला जीतने की संभावना 12% से कम हो जाएगी। ये एक ऐतिहासिक चुनौती है — न सिर्फ खेल की, बल्कि मनोवैज्ञानिक भी।

ब्रेंडन डॉगट कौन हैं और उनकी भूमिका क्या थी?

ब्रेंडन डॉगट ऑस्ट्रेलियाई टीम के एक अनुभवी ऑर्डर के नीचे के बल्लेबाज हैं, जो अक्सर अंतिम विकेट के साथ खेलते हैं। इस पारी में उन्होंने 48 रन बनाए और अंतिम 50 रन के लिए 22 गेंदों में 3 बाउंड्री लगाईं — जिससे ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 500+ पर पहुँचा। उनकी शांति और तकनीक ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को निराश कर दिया।

इस मैच का भविष्य के टेस्ट पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

अगर ऑस्ट्रेलिया इस टेस्ट जीत गई, तो वो एशेज की श्रृंखला में अपनी ताकत दिखा देगी। इंग्लैंड को अगले टेस्ट में बड़े बदलाव करने होंगे — नए बल्लेबाज, नए रणनीति, और शायद नए कप्तान। इसके बिना, श्रृंखला अभी तक की सबसे बड़ी हार बन सकती है।

क्या इंग्लैंड के लिए अब कोई राहत है?

एकमात्र राहत ये है कि दो दिन बाकी हैं। गैब्बा के मैदान पर दूसरे दिन गेंद थोड़ी चलने लगती है, और बल्लेबाज आराम से खेल सकते हैं। अगर इंग्लैंड अगले दो दिनों में 200 रन बना सके, तो वो अभी भी खेल में रह सकते हैं। लेकिन ये एक बहुत बड़ा अनुमान है।



टिप्पणि (17)

  • UMESH joshi
    UMESH joshi

    गैब्बा पर रात का क्रिकेट हमेशा से एक अलग ही चुनौती रहा है। इंग्लैंड के बल्लेबाज बस गेंद को देखने में असमर्थ थे, और ये सिर्फ रोशनी की बात नहीं, बल्कि मन की तैयारी की कमी थी। ऑस्ट्रेलिया ने जो बनाया, वो कोई यादगार पारी नहीं, एक अध्यात्मिक विजय थी।

  • pradeep raj
    pradeep raj

    इस पारी का विश्लेषण करते समय हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि डॉगट की भूमिका केवल रन बनाने तक सीमित नहीं थी - उन्होंने टीम के अंतिम विकेट के साथ एक स्थिरता का निर्माण किया, जो बल्लेबाजी के तांत्रिक ढांचे के अंतर्गत आता है। उनके 48 रन एक दर्शन थे - जहां धैर्य और नियंत्रण ने भावनात्मक अस्थिरता को दूर कर दिया।

  • Vishala Vemulapadu
    Vishala Vemulapadu

    स्मिथ की पारी 117 रन की नहीं, बल्कि 117 रन के बाद की बातें हैं। वो तो बस बल्लेबाज नहीं, वो तो एक जादूगर था जिसने इंग्लैंड के स्पिनर्स को बेकार कर दिया। और डॉगट? वो तो बस एक गायब हो गया, लेकिन उसके बाद का दबाव बना रहा।

  • M Ganesan
    M Ganesan

    ये सब बातें बस धोखा है। ऑस्ट्रेलिया ने फ्लडलाइट्स के नीचे गेंद को चालाकी से घुमाया, और आईसीसी ने इसे छिपा दिया। इंग्लैंड के बल्लेबाज तो बस शिकार थे - जिन्हें गेंद का रास्ता नहीं दिखा, बल्कि बनाया गया। ये एक गैर-कानूनी खेल है।

  • ankur Rawat
    ankur Rawat

    इंग्लैंड के लिए ये दर्द बहुत गहरा है, लेकिन ये दर्द भी एक नया जन्म दे सकता है। जब तक बल्लेबाजी में आत्मविश्वास नहीं आएगा, तब तक रात की रोशनी में गेंद देखना मुश्किल ही रहेगा। शायद अगले मैच में वो बदलाव आएं - बस उन्हें डर को छोड़ना होगा।

  • Vraj Shah
    Vraj Shah

    गैब्बा में रात का मैच हमेशा दर्द देता है, लेकिन आज तो बस बहुत ज्यादा। ऑस्ट्रेलिया ने बस अपना काम किया, इंग्लैंड ने बस गलती की। अब बस देखना है कि अगले दो दिन में क्या होता है।

  • Kumar Deepak
    Kumar Deepak

    इंग्लैंड के लिए ये बस एक टेस्ट नहीं, ये तो एक भारतीय घर की रात का बिजली बंद होने जैसा है - सब कुछ अंधेरा, और तुम बस बैठे रहते हो, सोचते हो कि अब क्या होगा।

  • Ganesh Dhenu
    Ganesh Dhenu

    इस पारी की शुरुआत से लेकर अंत तक का अहसास बहुत गहरा है। जब आखिरी विकेट गिरा, तो मैंने सोचा - ये तो बस एक मैच नहीं, ये तो एक बारिश का इंतज़ार था।

  • Yogananda C G
    Yogananda C G

    ये जीत ऑस्ट्रेलिया के लिए सिर्फ एक टेस्ट नहीं है, ये तो एक ऐतिहासिक पल है, जिसमें न सिर्फ रन बने, बल्कि एक नया आत्मविश्वास भी जन्मा, और ये आत्मविश्वास, जो इंग्लैंड के लिए अब एक भारी बोझ बन गया है, जिसे वे अगले दो दिनों में उतारने की कोशिश करेंगे, और अगर नहीं उतार पाए, तो ये श्रृंखला उनके लिए एक अंतिम शिक्षा बन जाएगी, जो कभी भूली नहीं जाएगी, क्योंकि एशेज कभी भूलने वाली बात नहीं होती।

  • Divyanshu Kumar
    Divyanshu Kumar

    गैब्बा में रात का क्रिकेट एक अनूठा अनुभव है। ऑस्ट्रेलिया ने इसे सही तरीके से उपयोग किया। इंग्लैंड के लिए ये एक गहरा अध्ययन है - न केवल खेल का, बल्कि मन का भी।

  • Mona Elhoby
    Mona Elhoby

    स्मिथ की पारी? बस एक शो। डॉगट के बिना ये सब नहीं होता। और इंग्लैंड? बस एक बेकार की टीम है जिसे खेलने की नहीं, बस बहाना बनाने की आदत है।

  • Arjun Kumar
    Arjun Kumar

    क्या आपने सुना है कि ऑस्ट्रेलिया ने गेंद को फ्लडलाइट्स के नीचे जादू से घुमाया? मैं तो सोच रहा था कि ये सब एक बड़ा ट्रिक है।

  • RAJA SONAR
    RAJA SONAR

    ये जीत नहीं, ये एक राजनीति है। इंग्लैंड को नीचे दबाने के लिए ऑस्ट्रेलिया ने बिना किसी शर्त के इस मैच को बना दिया। ये नहीं खेल, ये तो एक अभियान है।

  • Mukesh Kumar
    Mukesh Kumar

    हां, ऑस्ट्रेलिया ने बहुत अच्छा खेला। लेकिन इंग्लैंड के लिए अभी दो दिन हैं - और जब तक जीवन है, तब तक आशा है। चलो, अगले दिन बहुत बेहतर होगा।

  • Shraddhaa Dwivedi
    Shraddhaa Dwivedi

    इंग्लैंड के लिए ये बस एक बड़ा झटका नहीं, ये तो एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मान की चुनौती है। लेकिन अगर वे अगले दो दिनों में थोड़ा भी आत्मविश्वास लाएं, तो ये मैच अभी भी बदल सकता है।

  • Govind Vishwakarma
    Govind Vishwakarma

    स्मिथ का 117? बस एक अच्छा बल्लेबाजी। डॉगट के 48? बस एक टाइम बर्नर। इंग्लैंड की बल्लेबाजी? बस एक फेल्योर। और तुम सब यहां बातें कर रहे हो। असली सवाल ये है - तुम्हारी टीम क्या कर रही है?

  • Jamal Baksh
    Jamal Baksh

    एशेज का इतिहास दिखाता है कि जब एक टीम बड़े लीड के साथ शुरुआत करती है, तो दूसरी टीम के लिए वापसी का रास्ता बंद हो जाता है। ऑस्ट्रेलिया ने आज न सिर्फ रन बनाए, बल्कि एक ऐतिहासिक वार्तालाप शुरू कर दिया है।

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