सुप्रीम कोर्ट ने NEET-PG 2024 परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार, 9 अगस्त 2024 को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। यह याचिका विशाल सोरेन द्वारा दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने परीक्षा स्थगन की मांग की थी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला तथा मनोज मिश्रा के समक्ष इस याचिका का उल्लेख किया गया। 8 अगस्त, 2024 को यह मामला उनके समक्ष पेश किया गया था।
याचिकाकर्ता का कहना है कि कई उम्मीद्वारों को ऐसे शहर आवंटित किए गए हैं जहां पहुंचना उनके लिए बेहद मुश्किल है। अधिकारियों ने 31 जुलाई को परीक्षा शहरों का आवंटन किया था और विशिष्ट केंद्रों की घोषणा 8 अगस्त को की जाएगी। इसके चलते उम्मीदवारों को यात्रा की व्यवस्था करने में कठिनाई हो रही है, खासकर इतनी कम नोटिस पर।
इस याचिका में 'मंडमस' प्रकृति की एक रिट की भी मांग की गई है ताकि NEET-PG 2024 परीक्षा को पुनर्निर्धारित किया जा सके। यह परीक्षा पहले 23 जून को होनी थी लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के कारण एहतियात के तौर पर इसे स्थगित कर दिया था।
याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि अचानक किए गए बदलावों के कारण छात्रों को मानसिक और शारीरिक तौर पर कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। परीक्षा की तैयारी में लगे कई छात्रों ने अपनी परेशानी को सोशल मीडिया माध्यमों पर भी साझा किया है, जिसमें उन्होंने अपने आवंटित शहरों में समय पर पहुंचने की असमर्थता बताई है।
सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और छात्र इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बहुत से उम्मीद्वारों का यह मानना है कि अगर परीक्षा को स्थगित नहीं किया गया तो उन्हें अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक अवसरों की हानि हो सकती है।
NEET-PG 2024 परीक्षा को लेकर विवाद पहले भी सामने आ चुके हैं और ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप महत्वपूर्ण होता है। पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं की खबरें आम हो गई हैं, जिससे छात्रों का भविष्य अधर में लटकता दिखाई देता है।
क्या है NEET-PG?
NEET-PG (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट - पोस्ट ग्रेजुएट) एक राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा है जो स्नातकोत्तर (PG) चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित की जाती है और इसके माध्यम से एमडी, एमएस और पीजी डिप्लोमा कोर्सेज में प्रवेश मिलता है।
इस परीक्षा का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि इसमें सफल होने पर छात्रों को देश भर के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश मिलता है।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से लिया जाने वाला निर्णय इस बात का संकेत होगा कि न्यायपालिका इस तरह के मामलों में छात्रों की समस्याओं को कितनी गंभीरता से लेती है। उम्मीद जताई जा रही है कि कोर्ट छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक उचित फैसला सुनाएगा।
छात्रों की मांगें और संघर्ष
छात्रों और उनके परिवारों का मानना है कि इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए यात्रा की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती है, विशेषकर उन छात्रों के लिए जो छोटे शहरों या दूरदराज के क्षेत्रों से आते हैं। उन्हें परीक्षा के अधिसूचना मिलने के बाद तुरंत यात्रा की योजना बनानी होती है, जो रेलवे और हवाई यात्रा की बुकिंग की अनुपलब्धता के कारण और भी जटिल होती है।
इसी के साथ, परीक्षा केंद्रों की स्थिति भी कई बार उम्मीदवारों के लिए अधूरी रहती है। जब तक परीक्षा के विशिष्ट केंद्रों की घोषणा की जाती है, यात्रा की योजना बनाना अत्यधिक कठिन हो जाता है। ऐसे में छात्रों की मांग है कि या तो परीक्षा की तिथियों को फिर से निर्धारित किया जाए या उनके लिए यात्रा की व्यवस्था में सुधार किया जाए।
इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल परीक्षा के लिए उचित व्यवस्था के मामले में ही नहीं, बल्कि भावी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी एक उदाहरण स्थापित कर सकता है। छात्रों को उम्मीद है कि कोर्ट उनके संघर्ष को समझेगा और परीक्षा की नई तिथि निर्धारित करेगा ताकि सभी को समान अवसर मिल सके।
Jayasree Sinha
इस फैसले से बहुत सारे छात्रों की जिंदगी बच जाएगी। जिनके पास पैसे नहीं हैं, उनके लिए यात्रा ही एक बड़ी बाधा है। अगर यहां तक न्यायपालिका ने सुनवाई कर ली, तो उम्मीद है कि कोई भी अन्याय नहीं होगा।
Vaibhav Patle
भाई ये तो बहुत बड़ी खबर है 😭 मैंने 8 महीने तक पढ़ाई की है, अब अचानक शहर बदल दिया गया, मेरा बैंक बैलेंस 2000 रुपये में है, और मुझे असम के लिए टिकट बुक करने हैं? 🤯 अगर ये परीक्षा हो गई तो मैं अपने घर वापस नहीं जा पाऊंगा। अगर सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्थगित कर दिया तो मैं इस दिन को अपने जीवन में सबसे बड़ा दिन मनाऊंगा 🙏
Garima Choudhury
ये सब बस एक बड़ा धोखा है। सरकार और एमसीआई एक साथ मिलकर छात्रों को फंसा रहे हैं। पहले जून में परीक्षा होनी थी, फिर रद्द कर दी, फिर अगस्त में निर्धारित कर दी, अब शहर बदल दिए। ये कोई परीक्षा नहीं, ये तो एक बड़ा खेल है जिसमें हम सब बलि हैं। ये फैसला भी बस एक धोखा है, असली फैसला तो बाद में होगा।
Hira Singh
दोस्तों बस थोड़ा धैर्य रखो 😊 अभी तो सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई का फैसला किया है, अभी तो फैसला नहीं हुआ। आप सब जितना भी पढ़ चुके हो, वो कुछ भी नहीं जाएगा। अगर परीक्षा स्थगित हुई तो बेहतर है, अगर नहीं हुई तो भी तुम अपनी तैयारी को जारी रखो। तुम्हारी मेहनत बर्बाद नहीं होगी। बस एक बार फिर से दिल से दुआ करो कि सब कुछ ठीक हो जाए। हम सब तुम्हारे साथ हैं 💪
Sumit Bhattacharya
सुप्रीम कोर्ट की इस सुनवाई का महत्व इस बात में है कि यह न्यायपालिका के द्वारा शिक्षा के अधिकार के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण अवसर है। छात्रों की यात्रा की असमर्थता एक व्यापक सामाजिक समस्या है जिसे व्यवस्थित रूप से सुलझाने की आवश्यकता है। इस निर्णय का असर केवल NEET-PG तक सीमित नहीं होगा बल्कि भविष्य की सभी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं के लिए एक न्यायिक पूर्वानुमान बन सकता है।
Snehal Patil
ये सब छात्र बस अपनी लालच की वजह से ऐसा कर रहे हैं। अगर उन्हें इतना बोझ लग रहा है तो डॉक्टर बनने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? घर बैठे अपनी मां के साथ चाय पीते रहो। जिनके पास पैसे हैं वो बाहर जाते हैं, जिनके पास नहीं हैं वो घर पर बैठे रहें। ये बातें बस दिखावा है।
Nikita Gorbukhov
हां बेवकूफों की याचिका लिखो और सुप्रीम कोर्ट को घुस जाओ 😤 क्या तुम्हें लगता है कि तुम एक नेशनल एग्जाम के लिए बादशाह हो? अगर तुम्हें यात्रा में दिक्कत हो रही है तो तुम्हारी तैयारी ही कमजोर है। जिसने पढ़ाई की है वो गांव से भी आ जाएगा। ये सब बस शिकायत का खेल है। इसे रोको नहीं तो देश का भविष्य खराब हो जाएगा
RAKESH PANDEY
यह विवाद एक गहरी समस्या को उजागर करता है। अधिकांश छात्र अपने घरों से दूर जाने की क्षमता नहीं रखते। इस तरह की परीक्षाओं के लिए केंद्रों का वितरण एक नियमित, पारदर्शी और समावेशी दृष्टिकोण से होना चाहिए। यदि केंद्रों को राज्यों के अनुपात में बांटा जाए और दूरस्थ क्षेत्रों में कम से कम एक केंद्र हो, तो ऐसी समस्याएं नहीं होंगी। यह सिर्फ एक तिथि बदलने की बात नहीं है, यह एक प्रणालीगत सुधार की आवश्यकता है।
Nitin Soni
हम सब जानते हैं कि ये परीक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन अगर सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्थगित कर दिया तो ये एक अच्छा फैसला होगा। इससे हम सबको एक और मौका मिलेगा। जिनके पास अभी तक टिकट नहीं बुक हुए हैं, उनके लिए ये बहुत बड़ी खुशखबरी है। उम्मीद है कि अब सब कुछ ठीक हो जाएगा।
varun chauhan
भाई ये तो बहुत अच्छी बात है 😊 मैंने अपना टिकट बुक कर लिया था, लेकिन अभी तक नहीं पता था कि कहां जाना है। अब अगर परीक्षा स्थगित हो गई तो बहुत अच्छा होगा। अगर नहीं हुई तो भी मैं तैयार हूं। बस थोड़ा और धैर्य रखो।
Prince Ranjan
ये सब बस एक बड़ा नाटक है जिसमें छात्र अपनी आलसी आत्मा को छिपा रहे हैं। अगर तुम्हें यात्रा करने में डर लगता है तो डॉक्टर बनने की बजाय टीचर बन जाओ। ये परीक्षा तो अभी तक देश की सबसे कठिन परीक्षा है। अगर तुम इसे रोक दोगे तो ये देश के लिए एक बड़ा बुरा संकेत होगा। अगर तुम्हारे पास पैसे नहीं हैं तो तुम्हें अपने आप को बदलना होगा न कि प्रणाली को।