अहोइ अष्टमी 2025, 13 अक्टूबर को न्यू दिल्ली में 05:53‑07:08 PM के पूजा‑मुहूर्त के साथ, माताओं के बच्चों के स्वास्थ्य हेतु कठोर उपवास का विशिष्ट दिन।
Drik Panchang – तिथि, मुहूर्त और त्यौहारों की गाइड
जब आप Drik Panchang, हिंदू समय‑निर्धारण प्रणाली है जो तिथियों, नक्षत्रों और पंचांग के अन्य घटकों को दिखाती है, इसे अक्सर "ड्रिक पंचांग" कहा जाता है, तो यह साधारण कैलेंडर नहीं है। यह सूर्य, चन्द्र और ग्रहों की चाल को जोड़कर हिंदू कैलेंडर, हिंदू धर्म में उपयोग होने वाला विस्तृत समय‑सिस्टम है में व्याख्या करता है, जिससे पूजा, शादियों और उपवास जैसीं घटनाओं की सही समय‑निर्धारण सम्भव हो पाता है।
तिथि और मुहूर्त का प्रयोग क्यों जरूरी है?
ड्रिक पंचांग में तिथि, चंद महीने के प्रत्येक दिन को दर्शाती है और मुहूर्त, विषेष समय‑खंड जिन्हें शुभ या अशुभ माना जाता है दोनों एक साथ मिलकर जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों का आधार बनते हैं। उदाहरण के तौर पर, सावित्री व्रत 2025 में 26 मई और 10 जून को दो तिथियों पर मनाया गया, इससे पहले पंचांग ने बताया था कि कौन‑से नक्षत्र और कौन‑से मुहूर्त सबसे अनुकूल हैं। इसी तरह शरद नवरात्रि 2025 में दुर्गा अष्टमी और महा नवमी के शुभ मुहूर्त पंचांग से निकले, जिससे लाखों लोग सही समय पर पूजा कर सके। इन दोनों घटकों के बीच का रिश्ता "Drik Panchang → तिथि → उपवास" जैसा है, जहाँ तिथि उपवास के दिन तय करती है और मुहूर्त उसे और प्रभावी बनाता है।
यदि आप अभी भी सोच रहे हैं कि पंचांग के ये आँकड़े आपके दैनिक जीवन में कैसे काम आएँगे, तो एक आसान उदाहरण लें: भारत में कोई क्रिकेट मैच या वित्तीय घोषणा अक्सर पंचांग के अनुसार शुभ दिन चुनते हैं। ऊपर दिए गए कई लेखों में हमने देखा कि कैसे AB de Villiers की जीत, Yes Bank के शेयर उछाल और LG इलेक्ट्रॉनिक्स IPO की तारीखें पंचांग के एक या दो महत्वपूर्ण दिन (जैसे शुक्ल पक्ष का अष्टमी) से मेल खाती हैं। इसका मतलब यह नहीं कि हर घटना तभी सफल होगी, पर पंचांग की मदद से आप समय‑विचार को बेहतर बना सकते हैं।
नीचे आप विभिन्न विषयों पर लिखे लेखों की सूची पाएँगे—क्रिकेट, वित्त, त्यौहार और राजनीति—जिनमें सभी का आधार Drik Panchang के विश्लेषण से जुड़ा है। इन पोस्टों को पढ़कर आप अपने जीवन में तिथि‑मुहूर्त के प्रयोग को समझ पाएँगे और आगामी कार्यक्रमों की योजना आसानी से बना सकेंगे। आगे के लेखों में और गहराई से देखें कि कब कौन‑सा नक्षत्र, कौन‑सा योग और कौन‑सा मुहूर्त आपके काम को सबसे अधिक सुगम बनाता है।