डैन एशवर्थ का मैनचेस्टर यूनाइटेड में आगमन और प्रस्थान
डैन एशवर्थ ने मैनचेस्टर यूनाइटेड के खेल निदेशक के रूप में केवल पांच महीने का कार्यकाल पूरा किया और अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। जुलाई 2024 में उन्होंने इस पद को ग्रहण किया था, जब उनके पूर्व क्लब न्यूकासल यूनाइटेड के साथ एक बैठतरा समझौता किया गया था। यह समझौता मैनचेस्टर को £2-3 मिलियन के मुआवजे पर पड़ा। इस प्रस्थान को आपसी सहमति का नाम दिया गया है, मगर अंदरूनी सूत्रों के अनुसार क्लब ने ही इस अलगाव की पहल की थी।
एशवर्थ का आगमन क्लब की पुन: रचना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था, जो कि आईनीओस के मालिक सर जिम रैटक्लिफ के तहत हुआ था। उनके साथ तकनीकी निदेशक जैसन विलकॉक्स और सीईओ उमर बर्रदा भी इस प्रक्रिया में शामिल थे। एशवर्थ ने अपने कार्यकाल के दौरान एक ट्रांसफर विंडो में करीब £200 मिलियन की राशि खर्च की, जिससे उन्होंने कई उभरते खिलाड़ी जैसे मैथियस डि लिक्ट, नौस्सैर मजराऊई, मैनुअल उगार्ते, लेनी योरों और जोशुआ ज़िर्कज़ी को जोड़ा।
कोच की नियुक्ति और असहमति
डैन एशवर्थ का यह कार्यकाल इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि उन्होंने नए हेड कोच रुबेन अमोरिम की नियुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह नियुक्ति अक्टूबर में हुई और उन्होंने एरिक टेन हैग की जगह ली। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि एशवर्थ इस नियुक्ति से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने एक ब्रिटिश उम्मीदवार जैसे कि पूर्व इंग्लैंड बॉस गैरेथ साउथगेट को प्राथमिकता दी थी। इससे यह जाहिर होता है कि क्लब के अंदर प्रमुख निर्णय लेने में उनकी अहमियत को लेकर उनसे असहमति थी।
प्रस्थान के पीछे के कारण
डैन एशवर्थ का इस्तीफा मैनचेस्टर यूनाइटेड के संगठन में एक और बड़ा बदलाव है। क्लब की ओर से जारी बयान में उनके काम और सहयोग के लिए प्रशंसा की गई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। हालांकि, इस इस्तीफे के कारण क्लब की भर्ती रणनीति पर सवाल खड़े हुए हैं। क्लब का क्या भविष्य होगा, इस पर विचार करते हुए कोई नया कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया जाएगा या मौजूदा स्टाफ को ही पुनर्गठित किया जाएगा, यह देखा जाना बाकी है।
सर जिम रैटक्लिफ ने पहले एशवर्थ की प्रशंसा की थी और उन्हें 'दुनिया के शीर्ष खेल निदेशकों में से एक' कहा था। मगर ऐसा प्रतीत होता है कि एशवर्थ की संक्षिप्त अवधि और अचानक हुए प्रस्थान ने क्लब की निर्णय लेने की प्रक्रिया और भर्ती प्रक्रिया पर संदेह उत्पन्न किया है। मैनचेस्टर यूनाइटेड के इस बदलाव से खेल जगत में उत्सुकता बढ़ी है और भविष्य की रणनीति कैसी होगी, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
Pradeep Asthana
ये एशवर्थ तो बस एक ट्रांसफर बॉस था, जिसने पैसे बर्बाद किए और फिर भाग गया। क्लब का भविष्य कैसा होगा? कोई नहीं जानता।
बस एक बार फिर से गलत फैसले।
Shreyash Kaswa
मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए ये एक बड़ा झटका है। हमारे खिलाड़ियों को अच्छी तरह से चुनना चाहिए, न कि बाहरी लोगों को भर्ती करना।
Sweety Spicy
ओह तो एशवर्थ ने गैरेथ साउथगेट को नहीं चुना? अरे भाई, वो तो इंग्लैंड के लिए ट्रेनिंग देते थे! ये लोग तो अपनी आत्मा को बेच रहे हैं और फिर बोलते हैं कि हम ट्रेडिशनल हैं!
क्या आप जानते हैं कि एक ब्रिटिश कोच के बिना यूनाइटेड का कोई अर्थ ही नहीं? ये लोग तो अपने इतिहास को धूल में मिला रहे हैं।
Maj Pedersen
एशवर्थ ने बहुत कुछ किया है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को मौका दिया, जो कि बहुत जरूरी है। उनका इस्तीफा एक बड़ी हानि है। उम्मीद है कि नए लीडर इस दिशा को जारी रखेंगे।
Ratanbir Kalra
सब कुछ बदल रहा है और कुछ नहीं बदल रहा है एक बार फिर से ये वही पुराना खेल जहां लोग बाहर से आते हैं और फिर चले जाते हैं और हम बस उनके नाम को याद रखते हैं और फिर भूल जाते हैं
Seemana Borkotoky
मैंने देखा कि ये युवा खिलाड़ी बहुत अच्छे लग रहे हैं। एशवर्थ ने अच्छा काम किया। अब बाकी बातें तो बाद में देखेंगे।
Sarvasv Arora
इस आदमी ने £200 मिलियन खर्च किए और फिर भाग गया? ये तो बस एक गैंगस्टर है जो बाजार में घूम रहा है। इस तरह के लोगों को यूनाइटेड में जगह नहीं मिलनी चाहिए।
Jasdeep Singh
ये सब एक बड़ी षड्यंत्र है। रैटक्लिफ और उसके गुट ने एशवर्थ को निकाल दिया क्योंकि वो उनके नियंत्रण के बाहर था। अब वो अपने बनाए हुए बाहरी लोगों को डालेंगे जो कि केवल पैसे के लिए आए हैं। ये तो बस एक फिल्मी साजिश है।
Rakesh Joshi
ये बदलाव अच्छा है! नए खिलाड़ियों के साथ नई ऊर्जा आ रही है। एशवर्थ ने बहुत कुछ शुरू किया है। अब आगे बढ़ना है। हम जीतेंगे! 🙌
HIMANSHU KANDPAL
क्या आपने सोचा है कि ये सब एक अच्छी तरह से तैयार नाटक है? एशवर्थ को निकाला गया क्योंकि वो बहुत अच्छा था। और अब वो जिस तरह से बयान दे रहे हैं... बस एक झूठ।
Arya Darmawan
एशवर्थ ने एक नए दृष्टिकोण को लाया। युवा खिलाड़ियों को अवसर देना, ट्रांसफर रणनीति में बुद्धिमानी, और एक तकनीकी टीम का निर्माण। ये सब बहुत बड़ी उपलब्धि है। अब इसे आगे बढ़ाना है।
Raghav Khanna
डैन एशवर्थ के कार्यकाल के दौरान क्लब के लिए एक स्पष्ट दिशा विकसित हुई है। उनके निर्णय आधारित थे, और उन्होंने युवा प्रतिभाओं को प्राथमिकता दी। उनके इस्तीफे के बाद भी इस दिशा को बरकरार रखना आवश्यक है।
Rohith Reddy
ये सब एक चाल है। एशवर्थ को निकाला गया क्योंकि वो रैटक्लिफ के लिए बहुत खतरनाक था। अब वो एक नया आदमी लाएंगे जो कि बस उनके आदेशों का पालन करेगा। ये तो बस एक डिक्टेटरशिप है।
Vidhinesh Yadav
मैं इस बात पर गौर कर रही हूं कि क्या एशवर्थ के निर्णय वास्तव में खिलाड़ियों के लिए अच्छे थे? या ये सिर्फ बाजार के लिए थे? इस बारे में अधिक जानकारी चाहिए।
Puru Aadi
एशवर्थ ने बहुत कुछ किया है! 🙌 ये युवा खिलाड़ी बहुत अच्छे हैं। अब बस थोड़ा और समय दें। हम जीतेंगे! 💪🔥
Nripen chandra Singh
एक आदमी आया और चला गया और बहुत सारे पैसे खर्च हुए और अब क्या? क्या ये सब एक अर्थ के बिना हुआ? क्या हम सिर्फ एक नाम को याद कर रहे हैं जो जल्दी भूल जाएगा?
Rahul Tamboli
एशवर्थ? ओह वो तो बस एक बॉस था जिसने अपनी फेस बुक पर अच्छी तस्वीरें डाली थीं 😏 अब वो चला गया और हम अभी भी उसके बारे में बात कर रहे हैं? बस एक और नाम जो गायब हो गया 😂
Jayasree Sinha
डैन एशवर्थ ने एक संरचित और विवेकपूर्ण दृष्टिकोण से खेल निदेशक का पद संभाला। उनके योगदान की सराहना की जानी चाहिए, और उनके निर्णयों का विश्लेषण भविष्य के लिए आवश्यक है।